CM रेखा गुप्ता ने किया ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ लाॅंच

-2 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली नगर निगम मुख्यालय स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी-स्वच्छता अभियान 2026’ का शुभारंभ किया। यह विशेष स्वच्छता अभियान पूरी राजधानी में 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करना, कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्थलों की सफाई सुनिश्चित करना तथा नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर स्वच्छता अभियान से संबंधित ब्रोशर का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ का संकल्प केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सोच और व्यवहार में स्वच्छता को शामिल करने का अभियान है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने नगर निगम को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार के सहयोग से नगर निगम ने स्वच्छता सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी एक विभाग या एजेंसी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। दिल्ली को कूड़े से आजादी दिलाने के लिए सरकार का लक्ष्य केवल सफाई अभियान चलाना नहीं, बल्कि स्वच्छता को नागरिकों के दैनिक व्यवहार और जीवनशैली का हिस्सा बनाना है। इसके लिए सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, बाजार संगठनों, आरडब्ल्यूए, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों को एक साथ जोड़कर इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाएगा। दिल्ली नगर निगम की आर्थिक समस्याओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट आश्वासन दिया कि फंड की कमी को स्वच्छता के काम में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा, लेकिन इसके साथ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में इच्छाशक्ति, जिम्मेदारी और परिणाम देने का संकल्प होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अगले 12 महीनों तक वार्ड स्तर पर स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रत्येक महीने जो वार्ड सबसे अधिक स्वच्छ पाया जाएगा, उसे एक करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। यदि कोई वार्ड लगातार अगले महीने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है तो उसे फिर से दो करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है और वर्षभर में एक वार्ड को 12 करोड़ रुपये तक का सीएमडीएफ फंड उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फंड प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा। वार्डों की स्वच्छता का आकलन एक स्वतंत्र एजेंसी की रिपोर्ट, अधिकारियों की रिपोर्ट और नागरिकोंध्सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के आधार पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी वार्ड में कूड़ा पड़ा होने की शिकायत सामने आती है तो संबंधित वार्ड को प्रतियोगिता से बाहर किया जा सकता है।