-सीबीआई ने डीसी के साथ एओ दिव्यांशु गौतम को भी गिरफ्तार
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 31 मार्च, 2026।
भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले दिल्ली नगर निगम के एक डिप्टी कमिश्नर को सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। डीसी के साथ एक ऑडिट ऑफिशर दिव्यांशु गौतम को भी गिरफ्तार किया गया है। खास बात है कि एमसीडी अधिकारियों की गिरफ्तारी पर बीजेपी नेताओं ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। छोटी-छोटी बातों पर भी बड़ी-बड़ी प्रेस रिलीज जारी करने वाले नेताओं की ओर से भी कोई बयान नहीं आया है। इस मामले में पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी अकाल पड़ा हुआ है।
दरअसल शाहदरा साउथ जोन के दिल्ली नगर निगम के एक लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर से चार लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआइ ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में शाहदरा नॉर्थ जोन के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा और ऑडिट ऑफिसर (एओ) दिव्यांशु गौतम को देर रात हिरासत में ले लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लाइसेंसिंग इंस्पेक्टर मुकेश के खिलाफ एक जांच चल रही थी। आरोप है कि इसी जांच के दौरान डिप्टी कमिश्नर और एओ ने मामले को प्रभावित (रफादफा) करने के लिए चार लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इस पर मुकेश ने सीबीआई के एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर सीबीआइ ने जांच शुरू की और सोमवार देर रात कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल सीबीआइ मामले की आगे की जांच कर रही है और रिश्वत मांगने से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
प्रतिनियुक्ति पर आने वाले अधिकारियों पर लगते रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
गिरफ्तार डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं और एमसीडी में प्रतिनियुक्ति पर आये हैं। बताया यह भी जा रहा है कि डीसी के साथ गिरफ्तार किया गया एओ दिव्यांशु गौतम भी एमसीडी में प्रतिनियुक्ति पर आया आया हुआ है।
इससे पूर्व शाहदरा साउथ जोन में तैनात रहे एक डिप्टी कमिश्नर अंशुल सिरोही के ऊपर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उनके अधिकार से जुड़े एक मामले में तो एफआईआर भी दर्ज हुई थी। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। गौरतलब है कि शहदरा साउथ जोन की जनरल ब्रांच में तैनात कुछ अधिकारियों ने ब्रांच के द्वारा जमा किये गये वाहनों को बिना किसी रिकार्ड में दर्ज किये बेचकर अपनी जेबें भर ली थीं। मामला सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था। यही मामला कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। हाल के दिनों में शाहदरा साउथ जोन में ही एक सहायक अभियंता (एई) को ठेकेदार से रिश्वत मांगने के आरोप में सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से नगर निगम और सत्ता पक्ष की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


