-भाजपा की केंद्र सरकार हर मंच पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे का ढोल पीटती है, जब देश की राजधानी में लड़कियां बचेंगी ही नही तो शिक्षित कैसे होंगीः देवेन्द्र यादव
एसएस ब्यूरो/नई दिल्ली, 4 फरवरी, 2026।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर छोटे बच्चों विशेषकर लड़कियां के दिल्ली से बड़ी संख्या में लापता/अपहरण होने की घटनाओं की गहन जांच करने के लिए टास्क फोर्स बनाने की मांग की। देवेन्द्र यादव ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2026 पहले महीने के 27 दिनों में 807 लोग गायब हो चुके है जिनमें अधिकतर बच्चे, छोटी लड़कियां और महिलाए शामिल है जो बहुत ही संवेदनशीलता का विषय है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिदिन 27 लोग लापता होने के बावजूद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार और केन्द्रीय गृहमंत्रालय चुप्पी साधे बैठा है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली पुलिस केन्द्रीय गृहमंत्रालय के अंतर्गत काम करती है और पुलिस की नाक के नीचे राजधानी में लड़कियों और महिलाओं का बड़ी संख्या में गायब होना गंभीर अपराध हो रहे है जो बहुत ही चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी समय-समय पर राजधानी की बिगड़ती कानून व्यवस्था के प्रति चिंतित होकर गृह मंत्रालय, दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस का ध्यान आकर्षित करती है लेकिन राजधानी दिल्ली में दिन के उजाले में हत्या, बलात्कार, धमकियों के साथ-साथ घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गोलीबारी, चेन स्नैचिंग के मामले कम नही हो रहे हैं।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली में एक महिला मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार होने के बावजूद राजधानी में छोटे बच्चों, लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, जबकि पुलिस दिल्ली में कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से नियंत्रित न करके आम लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2025 में दिल्ली में 25 हत्याएं हुई और 491 हत्या के प्रयास के मामले सामने आए, बलात्कार के 1901 मामले, महिलाओं के खिलाफ 1708 अपराधिक मामले, छेड़छाड़ के 337 मामले, लूटपाट के 1326 मामले, जबरन वसूली के 212 मामले पुलिस नियंत्रण और कानून व्यवस्था की पोल खोलते है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार हर मंच पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे का ढोल पीटती है, अगर देश की राजधानी में लड़कियां सुरक्षित नहीं होंगी तो देश के अन्य हिस्सों में लड़कियों की सुरक्षा की क्या जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब बेटी सुरक्षित ही नही होगी तो शिक्षित कैसे बनेगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में अधिकतर गरीब परिवारों की छोटी लड़कियां और महिलाएं गायब हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में इस तरह की आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए जांच और मजबूत उपाय हो इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाना चाहिए क्योंकि वर्तमान में राजधानी में ध्वस्त कानून व्यवस्था के कारण स्थिति चिंताजनक है जिससे लोग अपने जीवन को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।


