-लाल किले पर गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल के 350 विद्यार्थियों ने किया कीर्तन
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 24 नवंबर।
नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी तथा उनके अनन्य सेवकों भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दियाला जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आज देश के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पहुंचकर मत्था टेका।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की कुर्बानी से जुड़े जो ऐतिहासिक तथ्य बताए गए हैं, उनसे वह गहराई से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि इस महान शहादत की तुलना इतिहास में कहीं नहीं मिलती और इस त्याग के बारे में पूरी दुनिया को अवगत कराने के लिए पुस्तकों का प्रकाशन करवाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जितना भी नमन किया जाए, इस अमर बलिदान के सामने कम है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वह स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हैं कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस उनकी अगुवाई में सरकार को मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिवस है और इसे भव्य रूप से मनाने हेतु सरकार ने अपनी ओर से हर संभव प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि 23 से 25 नवंबर तक लाल किले पर बड़े समागम हो रहे हैं और पूरी दिल्ली में इन पवित्र दिवसों को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है।
कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि हम सौभाग्यशाली हैं कि अपने जीवनकाल में इस दिवस को मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की छत्रछाया में रहकर हम देश और दुनिया की सेवा कर सकते हैं। यह सेवा भी गुरु साहिब की ही बख्शीश है।
इस दौरान लाल किले पर चल रहे तीन दिवसीय समागमों के अंतर्गत आज गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल के 350 विद्यार्थियों ने एक साथ सामूहिक कीर्तन कर एक नया इतिहास रचा। ये विद्यार्थी पिछले कई दिनों से सामूहिक कीर्तन के लिए विशेष अभ्यास कर रहे थे। इस मनमोहक दृश्य के साक्षी हजारों की संख्या में उपस्थित संगत बने और सभी ने कीर्तन का आनंद लिया।
इस अवसर पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने कहा दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी द्वारा कार्यक्रमों में आने वाली संगत के लिए पुख्ता प्रबन्ध किए गए थे मगर संगत की अपार भीड़ पहुंचने पर वह भी कम पड़ गए जिसके चलते आज और अधिक प्रबन्ध किए गए हैं ताकि संगत को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। उन्होंने संगत से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में तीन दिवसीय समागमों में शामिल हों और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करें।


