‘ढोल-नगाड़ों के बीच बीजेपी के मेयर देंगे मृतक शिक्षकों के परिवारों को कल्याण कोष का पैसा’!

-11 अगस्त को मेयर ‘आप’ सरकार में करूणा आधारित नौकरी पा चुके कर्मचारियों को देंगे दोबारा नियुक्ति पत्रः अंकुश नारंग

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 08 अगस्त 2025।
आम आदमी पार्टी ने एमसीडी में तैनात मृतक शिक्षकों के परिवारों को दी जाने वाली राशि को लेकर बीजेपी पर वाहवाही लूटने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि बीजेपी के मेयर ढोल-नगाड़ों के साथ मृतक शिक्षकों के परिवारों को शिक्षक कल्याण कोष का पैसा देने जा रहे हैं। 11 अगस्त को यह कार्यक्रम होगा। इसमें मेयर राजा इकबाल सिंह ‘आप’ सरकार में करूणा के आधार पर नौकरी पा चुके कर्मचारियों को दोबारा नियुक्ति पत्र भी देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को न सरकार चलानी आती है और ना ही काम करना आता है। भाजपा के लोग को सिर्फ दूसरे के कामों को फोटो सेशन के जरिए दिखाना आता है। अगर भाजपा को कुछ करके दिखाना है तो ‘आप’ सरकार में 12 हजार कर्मचारियों को स्थायी करने के पास प्रस्ताव को लागू करे।
अंकुश नारंग ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि एमसीडी में भाजपा की चार इंजन की सरकार है। इसके बावजूद दिल्ली में जलभराव की स्थिति बहुत गंभीर रही। नालों-नालियों, जालियों की सफाई के बजाय भाजपा केवल फोटो सेशन में विश्वास रखती है। यही चाल-चलन अब एमसीडी में भी आ गया है। एमसीडी के मेयर राजा इकबाल सिंह ने शिक्षा विभाग के माध्यम से 11 अगस्त को ढोल-नगाड़ों के साथ उन लोगों को चेक देने जा रहे हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। मेरे पास 13 शिक्षकों की सूची है, जो अलग-अलग जोन से हैं और जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इनके परिवारों को अभी तक वह राशि नहीं दी गई, जो उनकी तनख्वाह से काटी जाती थी। अब एमसीडी यह राशि देने जा रही है, लेकिन मृत्यु के मामले में भी इसे ढोल-नगाड़ों के साथ दिया जाएगा। मैंने ऐसी निर्दयी सरकार पहली बार देखी है।
अंकुश नारंग ने कहा कि यह मामले 2016, 2018, 2020 के हैं, जब एमसीडी में भाजपा की सरकार थी। पहले एक शिक्षक कल्याण कोष (टीचर वेलफेयर फंड) होता था। जब एमसीडी का त्रिभाजन था, तब दक्षिण एमसीडी में प्रत्येक शिक्षक की तनख्वाह से सालाना 1,000 रुपए काटे जाते थे। अगर उस शिक्षक की मृत्यु हो जाती थी, तो उनके परिवार को 7 लाख रुपयए मिलते थे। वहीं, पूर्वी और उत्तरी एमसीडी में 500 रुपए काटे जाते थे, क्योंकि भाजपा तनख्वाह भी नहीं दे पाती थी। वहां भी मृत्यु होने पर 5 लाख रुपए मिलते थे। लेकिन जब 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार आई, तो हमने इस कोष को एकसमान कर दिया। अब सभी शिक्षकों की तनख्वाह से 1,000 रुपए काटे जाते हैं और मृत्यु होने पर परिवार को 7 लाख रुपए मिलते हैं। अब 2016 से 2024 के ऐसे मामलों में जिन परिवारों को शिक्षक कल्याण कोष से पैसे मिलने हैं, मेयर राजा इकबाल सिंह ढोल-नगाड़ों के साथ यह राशि देने जा रहे हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा क्लास-4 के करीब 29-30 कर्मचारियों को भी इस कार्यक्रम में बुलाया गया है, ताकि उनके परिवार भी आएं। ये करुणा आधारित (कम्पैशनेट ग्राउंड) कर्मचारी हैं, यानी जिनके परिवार में किसी की मृत्यु हो चुकी है। ये शिक्षा विभाग के लोग हैं। इनके परिवार के सदस्य पहले ही “आप” सरकार में नौकरी जॉइन कर चुके हैं। फिर भी इन्हें दोबारा बुलाकर, ड्रामेबाजी और फोटो सेशन के जरिए जॉइनिंग लेटर देने की कोशिश की जा रही है। क्योंकि भाजपा न तो एमसीडी में और न ही दिल्ली में शासन करना चाहती है। भाजपा नए काम नहीं करना चाहती। उन्हें शासन करना नहीं आता। वे केवल पुराने कामों को दोबारा फोटो सेशन के जरिए दिखाना चाहते हैं। चाहे वह मृत्यु का मामला हो, चाहे किसी के परिवार में दुख हो, वह सिर्फ फोटो सेशन कर दिखाना चाहती है कि वे एमसीडी में काम कर रहे हैं।
अंकुश नारंग ने कहा कि अगर भाजपा को सचमुच एमसीडी में काम करना है, तो जैसे “आप” ने 12,000 दलित कर्मचारियों को स्थायी किया, वैसे ही उन्हें तुरंत प्रभाव से इन कर्मचारियों को स्थायी करना चाहिए। अब तो चार इंजन की सरकार है, सभी कर्मचारियों को स्थायी कर दीजिए। तभी माना जाएगा कि भाजपा कोई काम कर रही है और दिल्ली की जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर रही है। नई भर्तियां खोलिए। यह थोड़ी है कि “आप” ने जो काम किए, उन्हें दोबारा दिखाकर फोटो सेशन किया जाए। भाजपा और महापौर राजा इकबाल सिंह को शर्म आनी चाहिए कि मृत्यु के मामलों और करुणा आधारित कर्मचारियों के नाम पर भी वे केवल अपनी वाहवाही लूटना चाहते हैं। ऐसा कार्यक्रम न तो मेयर राजा इकबाल सिंह जी को करना चाहिए और न ही एमसीडी के शिक्षा विभाग के माध्यम से होना चाहिए।