-एससी कमेटी में सदस्यों की संख्या घटाने पर बीजेपी को भी करनी चाहिए थी विपक्षी दलों के साथ चर्चाः मुकेश गोयल
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 24 जुलाई।
इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के नेता एवं वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने एससी कमेटी के नाम पर हंगामा करने वाली आम आदमी पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि यदि आप नेताओं को कोई आपत्ति है तो जब सदन में यह प्रस्ताव लाया गया था, तभी औपचारिक चर्चा के साथ विरोध दर्ज कराना चाहिए था। यदि आप नेताओं को वास्तव में दलित पार्षदों के हितों का इतना ही खयाल है तो उन्हें कमेटी के सदस्यों के नामांकन करने का भी बहिष्कार करना चाहिए था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।
मुकेश गोयल ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी सबसे बड़ी दलित विरोधी है। इसका सीधा सा उदाहरण है कि उन्होंने अपने शासनकाल में ढाई वर्ष तक कमेटियों का ही गठन नहीं होने दिया। दूसरे जब दलित मेयर के चुनाव का समय आया तो उसे 6-7 महीने देरी से कराया, जिसकी वजह से दलित मेयर को अपना कार्यकाल पूरा करने का समय ही नहीं मिला। अब आप नेता अपने दलित प्रेम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। यदि उन्हें दलित पार्षदों के हितों की इतनी ही चिंता है तो उन्हें अपने दलित पार्षदों का नामांकन एमसीडी की प्रमुख कमेटियों के लिए कराना चाहिए था, जो कि उन्होंने ऐसा नहीं कराया है।
मुकेश गोयल ने अपने बयान में आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी को भी अपने व्यवहार में बदलाव करने की जरूरत है। यदि बीजेपी को एससी कमेटी में जाने वाले दलित पार्षदों की संख्या में कटौती करनी थी तो इसके लिए पहले एमसीडी में विपक्षी दलों की बैठक बुलाकर चर्चा करनी चाहिए थी। गौरतलब है कि एमसीडी में सत्ताधारी दल ने एससी कमेटी में सदस्यों की संख्या को 35 से घटाकर 21 कर दिया है। जिसकी वजह से गुरूवार को एमसीडी के सदन की बैठक हंगामेदार रही और प्रस्तावों पर बिना चर्चा किये ही बैठक की कार्यवाही पूरी करनी पड़ी।