DBC कर्मचारियों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, दिल्ली वालों के लिए भारी पड़ सकते हैं आने वाले दिन

-ग्रेड पेमेंट समानता, करूणामूलक आधार और वरिष्ठता क्रम को तरजीह हैं बड़े मुद्दे
-एक दिन की हड़ताल पर नहीं मिला कोई गंभीर संकेत तो बढ़ा दी हड़ताल

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्लीः 22 जुलाई।
दिल्ली नगर निगम में एमटीएस (पी.एच.) के पद पर तैनात डीबीसी कर्मचारियों ने मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया है। पहले यह हड़ताल केवल एक दिन के लिए ही घोषित की गई थी, परंतु एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई ठोस संकेत नहीं मिलने एवं पुरानी बैठकों में लिये गये निर्णयों से पीछे हटने के बाद इन कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को अनिश्चितकालीन करने का फैसला किया है। एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की एक बैठक मंगलवार को एमएचओ के साथ हुई जिसमें कोई ठोस निर्णय नहीं लिये जा सके, जिसकी वजह से इस हड़ताल को अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
एंटी मलेरिया एकता कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष मदन पाल एवं महासचिव देवानंद शर्मा ने बताया कि एमटीएस (पीएच) कर्मचारियों को फिलहाल पांच तरह का वेतन दिया जा रहा है। जिसमें (1) 17,495 रूपये, (2) 19404 रूपये, (3) 20,228 रूपये, (4) 22,412 रूपये और (5) 27,000 रूपये है। कर्मचारियों की मांग है कि सभी कर्मियों को एक ही वेतन (ग्रेड-पे) दिया जाये। इसके साथ ही सबसे बड़ा उलट-फेर है कि एमसीडी अधिकारी अपनी पसंद और लाभ के हिसाब से जूनियर कर्मचारियों को सीनियर और सीनियर कर्मचारियों को जूनियर बना रहे हैं। इसका कारण है कि 1996 से एमसीडी में काम कर रहे डीबीसी कर्मचारियों की कोई वरिष्ठता सूची ही अभी तक नहीं बनाई गई है।
यूनियन के मुताबिक कर्मचारियों की मांग है कि एमसीडी में खाली पड़े एएमआई व पीएचआई के पदों को एमटीएस कर्मचारियों से वरिष्ठता के आधार पर भरा जाये। काम के दौरान दुर्घटना होने पर मुआवजा की राशि दी जाये और काम दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को करूणामूलक आधार पर नौकरी दी जाये।
यूनियन महासचिव देवानंद शर्मा ने बताया कि बुधवार को भी एमटीएस कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि पिछली कई बैठकों में जो निर्णय वरिष्ठ अधिकारियों ने सर्व सम्मति के आधार पर लिये थे, अब उन्हें नकारा जा रहा है और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। यही कारण है कि मंगलवार को एमसीडी के एमएचओ के साथ हुई यूनियन के नेताओं की बैठक बेनतीजा रही।
तेजी से बढ़ रहे मलेरिया के मामले
दिल्ली में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एमसीडी के रिकार्ड के मुताबिक 19 जुलाई तक दिल्ली में मलेरिया के 112, डेंगू के 261 और चिकनगुनिया के कुल 17 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि इसी अवधि के दौरान मलरिया के 2024 में 97, 2023 में 34, 2022 में 22 और 2021 में कुल 13 मामले ही सामने आये थे। करीब यही स्थिति डेंगू के मामलों की है। इस वर्ष डेंगू के 261 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि 2024 में 269, 2023 में 97, 2022 में 56 और 2021 में कुल 26 मामले ही सामने आये थे।
हड़ताल खत्म करने के लिए डाला जा रहा दबाव
बरसात का मौसम पीक पर होने और दिल्ली में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए एमसीडी अधिकारियों के द्वारा ह़ड़ताल पर चल रहे एमटीएस कर्मचारियों के ऊपर हड़ताल खत्म करके काम पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक एमसीडी के आला अधिकारियों ने संदेश दिया है कि यदि जल्दी ह़ड़ताल खत्म नहीं की गई तो डीबीसी से एमटीएस हुए कर्मियों की नौकरी खतरे में पड़ सकती है।