MCD के 12 जोन एकजुट होकर दिलायेंगे “दिल्ली को कूड़े से आज़ादी”

-एक माह तक चलेगा एमसीडी का मेगा सफाई अभियानः राजा इकबाल

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली, 31 जुलाई 2025।
दिल्ली के महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह ने गुरूवार को एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने पूरे जोश और ताक़त के साथ “दिल्ली को कूड़े से आज़ादी” स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर दी है। यह एक माह का अभियान 1 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसके तहत सभी 12 जोन में बड़े पैमाने पर सफाई कार्य होंगे, जिसमें निवासियों, स्कूलों, बाज़ार संघों और सामुदायिक समूहों की सक्रिय भागीदारी होगी।
राजा इक़बाल सिंह ने बताया कि यह अभियान आवासीय कॉलोनियों, बाज़ारों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों, सार्वजनिक शौचालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर गहन सफाई कार्य को कवर करेगा। साथ ही, कचरे के पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिससे घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सूखा, गीला और खतरनाक कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि उसका उचित निपटान और रीसाइक्लिंग हो सके।
एमसीडी रेलवे ट्रैकों के किनारे जमा नगर ठोस कचरे (एमएसडब्ल्यू) को हटाने के लिए विशेष कार्रवाई करेगी। इसके अलावा, निर्माण और ध्वस्तीकरण (सी एंड डी) कचरे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि उसे व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा कर, प्रबंधित और रीसायकल किया जा सके और अवैध फेंकाव को रोका जा सके।
अभियान का एक अहम लक्ष्य सिंगल-यूज़ प्लास्टिक (एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक) का उन्मूलन भी है। इसके लिए नागरिकों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही पार्कों, उद्यानों और सामुदायिक स्थलों की सुंदरता बढ़ाने के लिए पेड़-पौधे लगाने, दीवारों की पेंटिंग और आर्ट-बेस्ड गतिविधियों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
एमसीडी ने रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (आरडब्ल्यूए), मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन्स (एमटीए), स्कूलों, कॉलेजों, एनजीओ और बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) से इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। एमसीडी और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से “दिल्ली को कचरे से मुक्ति” पहल का लक्ष्य शहर में कचरे में स्पष्ट कमी लाना है और दिल्लीवासियों में स्वच्छता और जिम्मेदार कचरा प्रबंधन की दीर्घकालिक आदतें विकसित करना है।