देवभूमि में खत्म हुई ‘तीरथ-यात्रा’

-बीजेपी विधायकों में से ही मुख्यमंत्री बनाने पर चर्चा
-धन सिंह रावत और सतपाल महाराज के नामों की चर्चा
-शनिवार दोपहर में बुलाई बीजेपी विधायक दल की बैठक

एसएस ब्यूरो/ देहरादून
देवभूमि उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत की बतौर मुख्यमंत्री यात्रा खत्म हो गई है। रावत ने शुक्रवार देर रात 11 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल बेबी रानी मौर्या को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने शुक्रवार को ही रात 9.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी, लेकिन उन्होंने इसमें अपने इस्तीफे का कोई जिक्र नहीं किया था। बल्कि अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाकर चले गए थे।

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इस्तीफे के बाद तीरथ सिंह रावत ने बताया कि ’मैंने संवैधानिक संकट की वजह से राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवाएं देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा का आभार व्यक्त करता हूं।’ हालांकि माना जा रहा है कि बहुत मान-मनौव्वल के बाद उन्होंने सीएम के पद से इस्तीफा दिया है। उनका कार्यकाल करीब चार महीने का रहा।

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तीरथ सिंह रावत ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजे अपने पत्र में कहा है कि ‘‘आर्टिकल 164-ए के हिसाब से उन्हें मुख्यमंत्री बनने के बाद 6 महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना था, लेकिन आर्टिकल 151 कहता है कि यद विधानसभा चुनाव में एक साल से कम का समय बचता है तो वहां पर उपचुनाव नहीं कराऐ जा सकते। उत्तराखंड में संवैधानिक संकट नहीं खड़ा हो, इसलिए मैं मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’’
राजपूत ही होगा मुख्यमंत्री
बीजेपी को अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करनी है। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कोई भी बने, लेकिन वह राजपूत बिरादरी से ही होगा। अब पार्टी को यह भी खयाल रखना होगा कि नया मुख्यमंत्री बीजेपी विधायकों के बीच से ही हो, ताकि फिर से कोई संवैधानिक संकट खड़ा नहीं हो सके। फिलहाल धन सिंह रावत और सतपाल महाराज के नाम ज्यादा चर्चा में हैं। धन सिंह रावत का नाम पिछली बार भी खूब चर्चा में रहा था, लेकिन तीरथ सिंह रावत का नाम आगे आने की वजह से वह पिछड़ गये थे।
अब बीजेपी विधायकों में से बनेगा सीएम
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि कोविड के चलते परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया था कि ऐसी महामारी में वह उपचुनाव नहीं कराएगा। इससे राज्य में संवैधानिक संकट हो सकता था। इसलिए मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को बीजेपी के विधायक दल की बैठक होगी और विधायकों में से ही किसी को मुख्यमंत्री चुना जाएगा।
फरवरी-मार्च में होने हैं चुनाव
शनिवार को देहरादून में बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। जहां बीजेपी विधायकों में से ही किसी एक को मुख्यमंत्री चुना जाएगा। राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च के महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नए मुख्यमंत्री का कार्यकाल महज 7-8 महीने का ही रहेगा। बता दें कि तीरथ सिंह रावत फिलहाल पौड़ी से लोकसभा सदस्य हैं।