-चौथे दिन भी नगर निगम के नेताओं का धरना जारी
-हमलावर हुई बीजेपी, चले सड़क से लेकर कानूनी दांव-पेंच
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
दिल्ली के तीनों महापौर और नगर निगमों के नेताओं का धरना अब दिल्ली की केजरीवाल सरकार के गले की फांस बनता जा रहा है। दिल्ली बीजेपी ने नगर निगम के बहाने दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ सियासी मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सड़क पर धरना-प्रदर्शन से लेकर कानूनी दांव-पेंच अपना रही है। गुरूवार को उत्तर पश्चिमी दिल्ली से बीजपे सांसद हंसराज हंस और दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता रामबीर सिंह बिधूड़ी महापौरों के धरना स्थल पर पहुंचेंगे।
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नगर निगमों के बकाया 13 हजार करोड रुपये की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश, दक्षिणी दिल्ली की महापौर अनामिका, और पूर्वी दिल्ली के महापौर निर्मल जैन सोमवार से धरने पर बैठे हैं। धरना स्थल पर तीनों नगर निगमों के स्थायी समिति अध्यक्ष, नेता सदन और नगर निगमों दूसरे नेता भी बैठे हैं।
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खास बात है कि बुधवार को बीजेपी के पूर्व महापार भी धरने पर बैठे वर्तमान महापौरों से मिलकर उनका हौसला बढ़ाने पहुंचे। उनके अलावा दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, सांसद एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और सांसद गौतम गंभीर भी धरना स्थल पर पहुंचे। उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने कहा कि कि बुधवार को तीसरे दिन भी मुख्यमंत्री का इंतजार करते रहे परंतु उन्होंनें मिलने का समय नही दिया।
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जय प्रकाश ने कहा कि महापौरों के साथ भाजपा के सभी नेता एवं निगम पार्षद नागरिकों और कर्मचारियों के हक के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक हमारी सुनवाई नहीं होती तब तक यह धरना जारी रहेगा। उन्होंनें आगे कहा कि धरने में महिला पार्षद भी अपनी मांगों के लिए ठंड में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठने को मजबूर हैं। धरना स्थल पर महिलाओं के लिए शौचालय तक की सुविधा नहीं है। उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, फिर भी वह डटकर जनहित में अपनी आवाज को बुलंद कर रहे हैं।
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महापौर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री का व्यवहार बेहद अशिष्ट है। उन्हें एक बार अपने आवास से बाहर आकर हमारी बात को सुनना चाहिए। वह अपने आपको दिल्ली वालों का बेटा और भाई बताते हैं, लेकिन अब दिल्ली वालों की समस्याओं से मुंह चुरा रहे हैं। अक्टूबर महीने में जब महापौरों द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर धरना दिया गया था तब यह आश्वासन दिया गया था कि 10 दिन के भीतर निगम का फंड जारी कर दिया जाएगा। परंतु ऐसा नहीं किया गया।
दूसरी ओर धरना स्थल पर पहुंचे प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने खेद व्यक्त किया कि कड़ाके की ठंड में भी मुख्यमंत्री निवास के बाहर धरना दे रहे जनप्रतिनिधियों से अरविंद केजरीवाल बात करने भी नहीं आए। उन्होंने कहा कि यहां निगम के नेता अपने निजी हित की मांग करने नहीं आए हैं बल्कि दिल्ली की जनता का हक और निगम कर्मचारियों का वेतन देने के लिए संवैधानिक रूप से आवंटित फंड जारी करने की मांग कर रहे हैं। कई महीनों से निगम के नेता मुख्यमंत्री केजरीवाल से निगम के बकाए फंड की मांग कर रहे हैं लेकिन मुख्यमंत्री फंड जारी करने की बजाय करोड़ों रुपए अपने प्रचार और चौक-चौराहों पर होर्डिंग लगवाने में खर्च कर रहे हैं।
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि निगम कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों पर गाज गिर रही है, उनके काम पर असर पड़ रहा है लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने तो कसम खा ली है कि वह गरीब निगम कर्मचारियों को उनका वेतन नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास के बाहर बिना छत के, बिना शौचालय की निगम की महिला नेता धरने पर बैठी हैं। उन्होंने कहा कि निगम नेता जनप्रतिनिधि होने की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संघर्ष कर रहे हैं इससे निगम कर्मचारियों को भी बल मिल रहा है।
सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि अपने समय के मशहूर धरना एक्सपर्ट मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अब धरनों से ही डर लगने लगा है। लोगों के सवालों से बचने के लिए घर में छुप जाते हैं। मुख्यमंत्री केजरीवाल को इतना सभ्य तो होना ही चाहिये कि उनके आवास के बाहर महिलाएं भी धरने पर बैठी हैं, जिनसे उन्हें मिलना चाहिए और बकाया फंड 13000 करोड़ रुपए को जारी करना चाहिए।
तीनों नगर निगम महापौर के साथ उत्तरी दिल्ली नगर निगम स्थाई समिति अध्यक्ष छैल बिहारी गोस्वामी, उपाध्यक्ष विजेंद्र यादव, नेता सदन योगेश वर्मा, पूर्वी दिल्ली नगर निगम उपमहापौर हरि प्रकाश बहादुर, स्थाई समिति अध्यक्ष सतपाल सिंह, नेता सदन प्रवेश शर्मा, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम उपाध्यक्ष सुभाष भड़ाना, स्थाई समिति अध्यक्ष राजदत्त गहलोट, नेता सदन नरेंद्र चावला, माया सिंह बिष्ट, पूनम भाटी, सुमन डागर, सुषमा गोदारा, कमलजीत सहरावत, सुनीता कांगड़ा, किरण वैद्य, हिमांशी पांडे, कंचन महेश्वरी, अपर्णा गोयल, कुसुम तोमर, उर्मिला चौधरी, सविता खत्री, अंजू कमल कान्त, उर्मिला राणा, शिवांगी पांडे, अवतार सिंह सहित वरिष्ठ भाजपा नेताओं एवं जोन के अध्यक्ष और कई निगम पार्षद धरने पर बैठे हैं।