मेयर चुनाव से पता चलेगा प्रदेश बीजेपी नेतृत्व का जलवा!

-24 जून को होगा तीनों निगमों में महापौर का चुनाव
-उम्मीदवारों के चयन से पता चलेगी नेतृत्व क्षमता

टीम एटूजैड/ नई दिल्ली
दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की टीम के गठन के लिए केंद्रीय संगठन की ओर से दो नेताओं की नियुक्ति के साथ ही प्रदेश बीजेपी नेतृत्व को मिलने वाले फ्री-हैंड पर सवालिया निशान लग गया है। लेकिन अब दिल्ली के तीनों महापौर के चुनाव के साथ स्पष्ट हो जाएगा कि पार्टी नेतृत्व प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता को काम करने का कितना मौका देगा। दिल्ली में तीनों नगर निगमों के महापौर का चुनाव 24 जून को होना है। इसके लिए 17 जून तक नामांकन किए जाएंगे।

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बता दें कि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद पर आदेश गुप्ता की नियुक्ति के साथ ही राष्ट्रीय महामंत्री अरूण सिंह और राष्ट्रीय महिला मोर्चा अध्यक्ष विजया राहटकर को प्रदेश की टीम के गठन के लिए अधिकृत किया है। माना जा रहा है कि इन दोनों नेताओं को आने वाले समय में दिल्ली बीजेपी का प्रभारी और सह प्रभारी बनाया जा सकता है। फिलहाल यह जिम्मेदारी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू और राष्ट्रीय सचिव तरूण चुग निभा रहे हैं।

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हालांकि पार्टी की ओर से अरूण िंसंह और विजया राहटकर को केवल संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन यदि महापौरों के लिए उम्मीदवारों के चयन में आदेश गुप्ता की नहीं चलती है तो आने वाले दिनों में पार्टी को नेतृत्व परिवर्तन का फायदा मिलना मुश्किल है। क्योंकि अगले पौने दो साल में तीनों नगर निगमों के चुनाव होने हैं। ऐसे में यही समय है जब नगर निगम अपनी छवि में सुधार कर सकते हैं।

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फिलहाल भाजपा के शासन वाले तीनों नगर निगमों की छवि बेहद खराब है। अब यह नए महापौरों और स्थायी समिति अध्यक्षों की कार्यक्षमता पर निर्भर करेगा कि वह अगले डेढ़ साल में निगमों की छवि में कितना सुधार कर पाते हैं। ऐसे में पार्टी की प्राथमिकता अच्छी छवि और मेहनत करने वाले महापौर देने की है।

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महापौर पद के लिए प्रत्याशियों के चयन से प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की सियासी क्षमताओं का अंदाजा लगाया जा सकेगा। हालांकि बीजेपी में महापौर और दूसरे पदों के लिए व्यक्ति की क्षमता से ज्यादा उसका जुगाड़ देखा जाता है। पिछले तीन साल में तीनों निगमों नगर निगमों की छवि में कोई सुधार नहीं हो पाया है। बल्कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम की हालत तो और भी ज्यादा खराब हुई है।
अधिकारियों पर अंकुश है सबसे बड़ी चुनौती
नगर निगम के नेताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती निगम अधिकारियों पर अंकुश लगाने की है। तीनों ही नगर निगमों में अधिकारी सत्ता पक्ष के साथ प्रतिपक्ष के नेताओं को भी कुछ नहीं मानते। अधिकारियों और माफिया की मिलीभगत से निगमों में जमकर भ्रष्टाचार जारी है। इसकी वजह से निगमों और सत्तारूढ़ बीजेपी की छवि लगातार दागदार हो रही है।
24 जून को होगा महापौरों का चुनाव
उत्तरी दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली नगर निगमों में महापौर और स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। महापौर और उप महापौर पद के लिए 17 जून तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके पश्चात 20 जून तक नामांकन पत्र वापस लिये जा सकेंगे। मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के लिए तीन सदस्यों का चुनाव किया जाएगा।
वार्ड समितियों के चुनाव 26 को
तीनों नगर निगमों के लिए 26 जून को वॉर्ड समितियों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों का चुनाव किया जाएगा। कमिटियों के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के लिए चुनाव कराया जाएगा। उत्तरी दिल्ली निगम की सभी 6 वार्ड समितियों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों के चुनाव के लिए सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक अलग अलग समय रखा गया है।