-कांग्रेस ने की निगम और दिल्ली सरकार के कर्मियों का रूका वेतन देने की मांग
-कोविड-19 के काम में जुटे सभी कमर्मियों को कोरोना योद्धा सम्मान देने की मांग
टीम एटूजैड/ नई दिल्ली
राजधानी में अपनी खोई हुई जमीन तलाश रही कांग्रेस विभिन्न मुद्दों को लेकर केजरीवाल सरकार पर हमलावर हो रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के रुके हुए वेतन को तुरंत देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास तक ‘न्याय मार्च’ निकाला। कांग्रेस ने मांग की है कि कोविड-19 महामारी में कार्यरत सभी कर्मचारियों को कोरोना यौद्धा सम्मान दिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भी सोंपा।
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कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास पर जाने से पहले चंदगीराम अखाड़ा (ट्रॉमा सेन्टर) पर एकत्रित हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में नारे लिखे प्लेकार्ड भी लिए हुए थे। कांग्रस कार्यकर्ताओं ने ‘‘दिल्ली नगर निगम कर्मचारियों को शोषण, नही सहेंगे-नही सहेंगे’’, ‘‘दिल्ली एमसीडी में पक्की हो नौकरी सरकारी-खत्म हो ठेकेदारी’’, ‘‘बातों में दिखावा है, अरविन्द छलावा है’’ जैसे नारे लगाए।
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न्याय मार्च में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी शक्ति सिन्ह गोहिल, प्रदेश उपाध्यक्ष जय किशन, अभिषेक दत्त, शिवानी चोपड़ा, मुदित अग्रवाल, अली मेंहदी, पूर्व मंत्री डॉक्टर नरेन्द्र नाथ, निगम में कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल और कुमारी रिंकू, पूर्व विधायक अमरीश सिंह गौतम, वीर सिंह धींगान, चरण सिंह कंडेरा, चौ0 मतीन अहमद और भीष्म शर्मा, संदीप गोस्वामी, परवेज आलम सहित जिला अध्यक्ष मौहम्मद उस्मान, राजेश चौहान शिवराम सिंह, एस.सी. विभाग के चैयरमेन सुनील कुमार, टोनी सूद, सत्यवान, रामकुमार बिडलान, राजकुमार कर्मपुरा, राजेन्द्र मेवाती, राम मेहर छवि, संजय टांक, विनोद तिहाड़ा, जयपाल चंदेल, बाली भगत, जे.पी. सिंह, भी शामिल थे।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी शक्ति सिन्ह गोहिल ने कहा कि कोरोना यौद्धा जैसे स्वच्छता कर्मचारी, डाक्टर, नर्से, सिविल डिफेंस तथा अन्य सभी दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के अंख, कान व अन्य अंग हैं। इनके द्वारा ही सरकारी व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाने और कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में सफलता मिल सकती। श्री गोहिल ने कहा कि कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्तें देकर उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें कोविड-19 के खिलाफ एकजुट लड़ाई के लिए उत्साह पूर्वक कार्य करने में सक्षम बनाऐं। कोविड-19 से लाखों लोग बर्बाद हो चुके है, नौकरी की कमी के कारण अजीविका के अन्य स्रोतों की भी भारी कमी है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण भय और संकट झेल रहे दिल्ली सरकार व दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को कर्तव्यपूर्ण निर्वाह कर रहे है। सैकड़ों कर्मचारी कोरोना पाजिटिव भी हुए है। निगम के लगभग 20 से अधिक सफाई कर्मचारियों की कोरोना के चलते ड्यूटी पर मृत्यु भी हो गई।
उन्होंने कहा अन्य कोरोना यौद्धाओं की भांति कोविड-19 के तहत ड्यूटी कर रहे निगम कर्मचारियों को कोरोना यौद्धाओं का सम्मान दिया जाना चाहिए। निगम के मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए, परिवार के एक व्यक्ति को अनुकम्पा के आधार पर नौकरी भी दी जानी चाहिए। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कोरोना यौद्धाओं की मृत्यु होने पर उन्हें एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के अन्तर्गत काम करने वाले सफाई कर्मचारियों, माली, गार्ड, डी.बी.सी. चैकर, शिक्षक, नर्स, सिविल डिफेंस, मार्शल को रुका हुआ वेतन तुरंत दिलवाया जाए और दिल्ली सरकार के अनुदान से चलने वाले 12 कॉलेजों के अध्यापक एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से रुका हुआ वेतन दिया जाये। दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों की सीनियोरिटी के लिए उनकी नियुक्ति की तारीख 2013 की बजाय 2004 से तय की जाए तथा कर्मचारियों को 9 साल का एरियर तत्काल भुगतान किया जाये।
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम में लगभग 20 साल से दैनिक भत्ते पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों, अस्थायी रुप में काम करने वाले होम गार्ड, माली, सिविल डिफेंस, मार्शल को नियमित किया जाए। ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों को ठेकेदारी प्रथा समाप्त करके उन्हें स्थाई कर्मचारी के रुप में नियुक्त किया जाए। कोरोना काल में दिल्ली की बदहाली और सफाई कर्मचारियों की कमी को पूरी करने के लिए नई भर्ती भी की जाना चाहिए।