-10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में पूर्वी दिल्ली दूसरा सबसे गंदा शहर
-गंदे शहरों में पांचवे स्थान पर रहा उत्तरी दिल्ली नगर निगम का नाम
ब्यूरो रिपोर्ट/ नई दिल्ली
देशभर में मोदी सरकार का स्वच्छता अभियान जोरों पर है। लेकिन भाजपा शासित दिल्ली के नगर निगमों ने स्वच्छता के बजाय गंदगी के मामले में रिकॉर्ड तोड़ा है। यह खुलासा केंद्र सरकार की ओर से कराए गये स्वच्छता सर्वेक्षण की रिपोर्ट से हुआ है। दिल्ली के भाजपा शासित तीनों नगर निगमों में से दो नगर निगमों का नाम सबसे ज्यादा गंदगी वाले शहरों में शामिल किया गया है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद ने बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा है, हालांकि उसकी रैंकिंग में कुछ गिरावट आई है।
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इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार चौथे साल भारत का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। गुरुवार को घोषित स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार 2020 में दूसरा स्थान सूरत और तीसरा स्थान नवी मुंबई को मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को ‘गंगा किनारे बसा सबसे अच्छा शहर’ घोषित किया गया है।
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इस सूची में वाराणसी के बाद कानपुर, मुंगेर, प्रयागराज और हरिद्वार हैं। हालांकि पांचवें वार्षिक सर्वेक्षण में बिहार और दिल्ली के लिए कुछ भी अच्छा नहीं कहा जा सकता। राज्य के कई शहर सबसे गंदे शहरों की सूची में हैं। छोटे शहरों की श्रेणी में गया सबसे गंदा है जबकि बड़े शहरों की श्रेणी में पटना सबसे गंदा शहर पाया गया है।
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10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में बिहार का पटना पहले स्थान पर आया है। सबसे ज्यादा गंदगी वाले शहरों में दूसरे स्थान पर भाजपा शासित पूर्वी दिल्ली नगर निगम और पांचवें स्थान पर भाजपा के शासन वाला उत्तरी दिल्ली नगर निगम रहा है। इस सूची में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ शहर भी आए हैं।
सबसे गंदे शहर (10 लाख से ज्यादा आबादी)
1- पटना (बिहार)
2- पूर्वी दिल्ली (ईडीएमसी)
3- चेन्नै (तमिलनाडु)
4- कोटा (राजस्थान)
5- उत्तरी दिल्ली (NDMC)
6- मदुरै (तमिलनाडु)
7- मेरठ (उत्तर प्रदेश)
8- कोयंबटूर (तमिलनाडु)
9- अमृतसर (पंजाब)
10- फरीदाबाद (हरियाणा)
इस साल का स्वच्छता सर्वेक्षण बिहार के लिए ज्यादा निराशाजनक है। 10 लाख से कम आबादी वाले सबसे ज्यादा गंदगी वाले शहरों में भी बिहार का गया शहर आया है। 10 लाख से कम आबादी वाले गंदे शहरों की सूची में 10 में छह शहरा केवल बिहार के ही हैं। बाकी चार शहर पंजाब, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश और नागालैंड के हैं।
10 लाख से कम आबादी वाले सबसे गंदे शहर
1- गया (बिहार)
2- बक्सर (बिहार)
3- अबोहर (पंजाब)
4- भागलपुर (बिहार)
5- परसा बाजार (बिहार)
6- शिलॉन्ग (मेघालय)
7- ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश)
8- दीमापुर एमसी (नगालैंड)
9- बिहारशरीफ (बिहार)
10- सहरसा (बिहार)
यह स्वच्छता सर्वे देश के 4,242 शहरों में किया गया जिसमें 1.9 करोड़ लोगों ने अपनी राय रखी। वहीं 100 से अधिक शहरी निकाय संस्था वाले राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ को ‘सर्वाधिक स्वच्छ राज्य’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इसके बाद महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को स्थान मिला है। वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कार 2020 की घोषणा केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक समारोह में की, जहां विभिन्न श्रेणी में 129 पुरस्कार दिए गए।