अर्चक महासंघ ने उठाई देवालयों को खोलने की मांग… पुजारियों के साथ हो रहे भेदभाव पर विरोध शुरू!

-इमामों को सेलरी और पुजारियों के साथ भेदभाव पर जताई नाराजगी

एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
अखिलभारतीय अर्चक महासंघ की मांग है कि राजधानी के मंदिरों को तुरंत खोला जाए। महासंघ के पदाधिकारियों ने देवालयों के पुजारियों के साथ सरकारी भेदभाव को लेकर भी नाराजगी जताई है। इस मांग को पूरे देश से समर्थन प्राप्त हो रहा है। महामंडलेश्वर, वैदिक विद्वान, चिंतक, विचारक, समाज सेवियों सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने महासंघ की मांग का समर्थन किया है।

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अर्चक महासंघ के चेयरमैन कालिकापीठाधीश्वर महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, अध्यक्ष महापंडित चंद्रमणि मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शुभेष शरमन एवं संस्थापक महामंत्री आचार्य रामगोपाल शुक्ल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि हमारी तो यह भी मांग है की सरकार जब मस्जिद के इमामों को सैलरी दे सकती है, तो मंदिर के पुजारियों को क्यों नही? मध्यम वर्गीय पुजारी क्या इसके हकदार नही? कोरोनाकाल में मंदिर बंद हैं ऐसे में पुजारियों को अपने परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो रहा है।

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महासंघ के पदाधिकारियों ने आगे कहा कि दिल्ली ही नही बल्कि पूरे भारत के मंदिरों के जो पुजारी हैं उन्हें यह मुद्दा जोरदार ढंग से उठाना चाहिए। धर्म के आधार पर यह भेदभाव सही नहीं है इसका पूर्ण विरोध किया जायेगा। समाज के लोगों को आगे आकर सरकार की इस मनमानी का विरोध करना चाहिए। एक ओर हमारा संविधान कहता है कि धर्म के आधार पर किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर संविधान का पालन कराने वाली सरकार ही देश के करोड़ों हिंदुओं के साथ भेदभाव कर रही है।

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संस्थापक महामंत्री आचार्य रामगोपाल शुक्ल ने कहा कि अर्चक महासंघ के पदाधिकारियों ने यह फैसला किया है कि सरकारी स्तर पर हो रहे इस भेदभाव का पुरजोर विरोध किया जायेगा। इसे जोरदार ढंग से आगे बढ़ने के लिए.पूरा प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही सोती हुई सरकार को जगाने के लिए धरना प्रदर्शन का क्रम शुरू होगा। संगठन का एक प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय ग्रहराज्यमंत्री से जल्दी ही मिलेगा। इसके लिए सभी पूज्य महामंडलेश्वर एवं महंत महासंघ के संरक्षकों की सहमति ले ली गयी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है।
रामगोपाल शुक्ल ने आगे कहा कि संगठन विप्रों की सेवा के कार्यो को आगे बढ़ाने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि इस सेवा कार्य में महासंघ के साथ ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ें। मोबाइल नंबर 7531944434 पर अपना नाम एवं पता व यदि किसी संगठन के साथ जुड़े हैं तो उसका विवरण लिखकर व्हाट्सएप करें। इस संबंध में लोगों के सुझाव भी आतंत्रित हैं।

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