-बीजेपी-आप पार्षदों ने सेलरी के मुद्दे पर नहीं होने दी चर्चाः मुकेश गोयल
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस दल के नेता और वरिष्ठ निगम पार्षद मुकेश गोयल ने निगम की आर्थिक हालत खराब होने के लिए आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सदन की बैठक आप व बीजेपी के पार्षदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। दोनों पार्टियों के पार्षदों ने हंगामा करते हुए सेलरी के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करवाकर नगर निगम के कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। बैठक में कर्मचारियों की सेलरी और निगम की आमदनी पर चर्चा होनी थी। कांग्रेस की ओर से विशेष तौर पर इस मुद्दे पर आधा घंटे की बहस का प्रस्ताव लगाया गया था। बीजेपी और आप ने भी इस मुद्दे पर चर्चा के प्रस्ताव का समर्थन किया था। लेकिन दोनों पार्टियों के नेताओं अपनी-अपनी सरकार की पोल खुलने के डर से कर्मचारियों की सेलरी के प्रस्ताव पर चर्चा ही नहीं होने दी।
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मुकेश गोयल ने कहा कि सदन की बैठक में आम आदमी पार्टी का दोहरा चरित्र सामने आया है। आप के पार्षद कर्मचारियों को सेलरी दिलाने के स्लोगन लिखी हुई टीशर्ट पहनकर आए थे। लेकिन जैसे ही सेलरी के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई, वैसे ही आप पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया और दूसरे मुद्दों पर चर्चा की बात करने लगे। दूसरी ओर बीजेपी पार्षदों ने भी बैठक को चलाने या प्रस्ताव पर चर्चा करवाने में कोई रूचि नहीं दिखाई। इसी से जाहिर हो जाता है कि आम आदमी पार्टी और बीजेपी आपस में नूरा कुश्ती खेल रहे हैं।
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मुकेश गोयल ने आगे कहा कि लंबे समय से नगर निगम की सत्ता में काबिज बीजेपी निगम के स्रोतों से राजस्व अर्जित नहीं कर पा रही है। जिसकी वजह से नगर निगम लगातार पिछड़ता जा रहा है। दूसरी ओर दिल्ली की केजरीवाल सरकार नगर निगम का करोड़ों रूपये का बकाया देने को तैयार नहीं है। यदि मंगलवार की बैठक में सेलरी पर चर्चा होती तो बीजेपी और आप दोनों की सरकारों की पोल खुल जाती। उन्होंने मांग की कि नगर निगम के बीजेपी नेता और दिल्ली सरकार के आप नेता एक साथ मिलकर बैठें, ताकि नगर निगम की आर्थिक हालत को सुधारा जा सके। दिल्ली सरकार को तुरंत नगर निगम को पैसा जारी करना चाहिए, ताकि कोरोना काल में लगातार काम करते आ रहे कर्मचारियों की सेलरी दी जा सके।