-सिरसा व कालका ने सिंघू व टिकरी बार्डर पर लिया सहुलियतों का जायज़ा
एसएस ब्यूरो/ नई दिल्ली
केंद्र की एनडीए सरकार के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) खुलकर मैदान में आ गई है। फिलहाल डीएसजीएमसी पर अकाली दल (बादल) समर्थित नेताओं का वर्चस्व है। कमेटी ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के बार्डर पर डटे किसानों के लिए लंगर और मैडिकल सहुलियतों के बाद अब किसानों के सोने के लिए रैनबसेरे की सहुलियत प्रदान की है।
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डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा, महासचिव हरमीत सिंह कालका, तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार अवतार सिंह हित्त और दिल्ली कमेटी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीबी रणजीत कौर ने टीकरी एवं सिंघू बार्डर पर किसानों की सहुलियतों के लिए सेवाओं का जायज़ा लिया।
कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा व महासचिव हरमीत सिंह कालका ने बताया कि कमेटी के द्वारा पहले किसानों के लिए गुरु के लंगर का प्रबंध किया गया था। जिसके पश्चात दवाइयों व एंबुलेंस का प्रबंध किया और अब किसानों के लिए रैन बसेरे बना कर गद्दे व रजाईयों और कंबल, टैंट इत्यादि का प्रबंध किया गया है।
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उन्होंने बताया कि हम प्रतिदिन किसानों की ज़रूरतों का जायज़ा ले रहे हैं और जो भी जरूरत किसानों को इस संघर्ष में होगी उसे कमेटी पूरा करेगी। इस दौरान तख्त श्री पटना साहिब कमेटी के अध्यक्ष जथेदार अवतार सिंह हित्त और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष रणजीत कौर ने किसानों से बातचीत की और उनकी ज़रूरतों का जायज़ा लिया। उन्होंने तख्त श्री पटना साहिब कमेटी और दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से विश्वास दिलाया कि दिल्ली के बार्डर पर अपनी जायज़ मांगों के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को किसी भी तरह की कोई मुश्किल नहीं आने दी जायेगी।


